BTech इंजीनियर का कमाल: UPSC में फेल हुए लेकिन Flipkart पर बैग बेचकर खड़ा किया 2 करोड़ का साम्राज्य!

यह लेख सतीश के वीडियो (Satish K Videos) के एक पॉडकास्ट पर आधारित है, जिसमें मोहम्मद अफरोज़ की सफलता की कहानी बताई गई है। अफरोज़ फ्लिपकार्ट (Flipkart) और मीशो (Meesho) जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लेडीज बैग बेचकर हर महीने 2 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर रहे हैं।

बीटेक इंजीनियर से ई-कॉमर्स किंग तक: मोहम्मद अफरोज़ की करोड़ों की सफलता की कहानी

​डिजिटल इंडिया के इस युग में जहाँ युवा सरकारी नौकरी की दौड़ में लगे हैं, वहीं बिहार के लखीसराय के रहने वाले एक बीटेक इंजीनियर मोहम्मद अफरोज़ ने अपनी मेहनत और समझदारी से ई-कॉमर्स की दुनिया में एक मिसाल पेश की है। आज वह ‘Lziki’ (लिज़ीकी) ब्रांड के तहत हर दिन 3,000 से ज्यादा लेडीज बैग ऑनलाइन बेच रहे हैं।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

​अफरोज़ ने कोलकाता से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। बिहार के अन्य युवाओं की तरह उन पर भी सरकारी नौकरी का दबाव था। उन्होंने बीपीएससी (BPSC) की तैयारी की और प्रीलिम्स भी क्लियर कर लिया, लेकिन मेंस में सफलता नहीं मिली। इसी दौरान लॉकडाउन लग गया, जिसने उनके करियर की दिशा ही बदल दी।

उन्होंने देखा कि उनकी बहन ऑनलाइन बैग बेच रही हैं। अफरोज़ ने इसे एक बिजनेस अवसर के रूप में देखा और धीरे-धीरे इसमें हाथ आजमाना शुरू किया।

बिजनेस मॉडल: कम कीमत, उच्च गुणवत्ता

​Business Model: अफरोज़ के बिजनेस की सबसे बड़ी खासियत उनके प्रोडक्ट्स की अफोर्डेबिलिटी है। उनके बैग्स फ्लिपकार्ट पर ₹200 से ₹300 के बीच उपलब्ध हैं। वे बताते हैं कि भारत में ₹300 से कम कीमत के उत्पादों की बहुत मांग है।

  • लागत और लाभ: उनके ₹218 वाले बैग की मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक लागत लगभग ₹120 आती है।
  • क्वालिटी कंट्रोल: कम कीमत के बावजूद वे क्वालिटी से समझौता नहीं करते, जिससे उनके प्रोडक्ट्स की रेटिंग 4 स्टार से ऊपर रहती है और रिटर्न रेट 10% से भी कम है।

मार्केट रिसर्च ( Market Research ) और तकनीक का इस्तेमाल

​अफरोज़ अपनी सफलता का श्रेय गहरी मार्केट रिसर्च और तकनीक (AI) के इस्तेमाल को देते हैं:

  1. साइजिंग रिसर्च: वे जानते हैं कि भारत के विभिन्न राज्यों में महिलाओं की औसत लंबाई अलग-अलग होती है, इसलिए वे एक ही प्रोडक्ट के कई साइज एक्सपेरिमेंटल यूनिट में चेक करते हैं।
  2. AI का उपयोग: वे अपने प्रोडक्ट्स के फोटो शूट के लिए गूगल जेमिनी (Gemini) जैसे AI टूल्स का उपयोग करते हैं ताकि तस्वीरें आकर्षक और ‘कोरियन लुक’ वाली लगें।
  3. ट्रेंड एनालिसिस: वे पेरिस और इटली जैसे फैशन हब के रंगों और डिजाइनों पर नजर रखते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि वहां का फैशन 6-8 महीने बाद भारत में ट्रेंड बनता है।

कमाई कितनी हो रही है

​वीडियो में अफरोज़ ने अपना फ्लिपकार्ट डैशबोर्ड दिखाया, जिसमें एक ही अकाउंट से महीने की नेट सेल ₹50 लाख से अधिक थी। उनके ऐसे 7-8 अकाउंट्स हैं, जिससे उनका कुल मासिक टर्नओवर ₹2 करोड़ के करीब पहुंच जाता है। वे प्रति माह लगभग 20% प्रॉफिट मार्जिन बचाते हैं।

नए लोगों के लिए सुझाव

​अफरोज़ का मानना है कि ई-कॉमर्स शुरू करने के लिए तीन चीजें अनिवार्य हैं:

  • जीएसटी (GST) सर्टिफिकेट
  • करंट बैंक अकाउंट
  • ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन

​वे युवाओं को सलाह देते हैं कि अपने स्थानीय इलाके (Locality) में बनने वाले उत्पादों (जैसे सहारनपुर का लकड़ी का काम या सूरत के कपड़े) को पहचानें और उन्हें ऑनलाइन मार्केट में उतारें।

निष्कर्ष

​मोहम्मद अफरोज़ की कहानी यह साबित करती है कि अगर सही रिसर्च, तकनीक का तालमेल और ग्राहकों की जरूरतों की समझ हो, तो ई-कॉमर्स में अपार संभावनाएं हैं। आज उन्होंने इसी बिजनेस की बदौलत दिल्ली में अपना तीन मंजिला घर भी बना लिया है।

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