लाडो लक्ष्मी योजना का नया गणित: 1100 खाते में और 1000 की FD, हरियाणा सरकार ने बदला भुगतान का तरीका: Lado Laxmi Yojana New Update

Lado Laxmi Yojana New Update: ​हरियाणा ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ में बड़ा बदलाव, अब जेब में आएंगे 1100 रुपये, बाकी 1000 का सरकार करेगी ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट’

Rathornews.com: हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने महिलाओं के लिए अपनी महत्वाकांक्षी ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ के नियमों में एक बड़ा फेरबदल किया है। चुनाव के समय किए गए 2100 रुपये प्रति माह के वादे को सरकार ने अब दो हिस्सों में बांट दिया है। अब महिलाओं के हाथ में सीधे 2100 रुपये नहीं आएंगे, बल्कि इसके भुगतान का तरीका पूरी तरह बदल गया है।

​क्या है नया गणित?

​योजना के नए प्रावधानों के अनुसार, लाभार्थी महिलाओं को मिलने वाली 2100 रुपये की मासिक राशि को निम्नलिखित तरीके से विभाजित किया गया है।

  1. 1100 रुपये (नकद लाभ): यह राशि सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) के जरिए भेजी जाएगी, जिसे वे अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए खर्च कर सकेंगी।
  2. 1000 रुपये (बचत/निवेश): शेष 1000 रुपये सरकार महिला के नाम पर एक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या रिकरिंग डिपॉजिट (RD) के रूप में जमा करेगी। यह पैसा एक निश्चित समय (मैच्योरिटी) के बाद ब्याज सहित महिला को दिया जाएगा।

​क्यों किया गया यह बदलाव?

​सरकार का तर्क है कि इस कदम से महिलाओं में बचत की आदत बढ़ेगी और भविष्य के लिए उनके पास एकमुश्त बड़ी पूंजी जमा हो सकेगी। हालांकि, जानकारों का यह भी मानना है कि एक साथ करोड़ों रुपये का नकद भुगतान करने से सरकारी खजाने पर पड़ने वाले तत्काल बोझ को कम करने के लिए यह रणनीति अपनाई गई है।

​योजना का दायरा भी बढ़ा, इन महिलाओं को भी मिलेगा लाभ

​कैबिनेट मीटिंग में हुए फैसले के बाद अब योजना का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। अब उन माताओं को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा जिनके:

  • ​बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं और 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 80% से अधिक अंक लाए हैं।
  • ​बच्चे कुपोषण या एनीमिया से मुक्त होकर ‘ग्रीन जोन’ में आ चुके हैं।
  • ​ऐसे परिवारों के लिए सालाना आय की सीमा भी 1.80 लाख रुपये तक बढ़ा दी गई है (सामान्य पात्रों के लिए यह सीमा 1 लाख रुपये है)।

​खास बातें:

  • किसे मिलेगा लाभ: 23 से 60 वर्ष की हरियाणा निवासी महिलाएं।
  • शर्त: परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम हो (विशेष श्रेणियों के लिए 1.80 लाख)।
  • पारदर्शिता: हर महीने लाभार्थी के पास एसएमएस (SMS) आएगा कि कितना पैसा खाते में गया और कितना निवेश हुआ।

​हरियाणा सरकार की इस योजना का लक्ष्य राज्य की करीब 20 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। अब देखना यह होगा कि नकद राशि में हुई इस कटौती और निवेश के नए मॉडल को प्रदेश की महिलाएं किस तरह अपनाती हैं।

ऐसे ही खबर के लिए राठौर न्यूज देखते रहे।

Leave a Comment