Venezuela Cricis January 2026: हाल ही में (जनवरी 2026) अमेरिका ने एक बेहद साहसी और तकनीकी रूप से उन्नत ऑपरेशन को अंजाम देते हुए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके आधिकारिक निवास से हिरासत में ले लिया। अमेरिका का दावा है कि मादुरो नशीली दवाओं की तस्करी (Drug Trafficking) में लिप्त थे, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे असली कारण वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार, लिथियम और सोने के भंडार पर नियंत्रण पाना है।
ऑपरेशन की रणनीति और गद्दारी
इस पूरे ऑपरेशन की सफलता के पीछे वेनेजुएला के ही एक उप-सेनापति (Cardinal) का हाथ था, जिसे अमेरिका ने करोड़ों डॉलर और नई पहचान का लालच देकर अपनी ओर मिला लिया था। उसने सीआईए (CIA) को मादुरो के सोने-जागने के समय से लेकर महल की दीवारों की मोटाई और इमरजेंसी निकास तक की सारी गोपनीय जानकारी मुहैया कराई थी।
अमेरिकी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन
इस मिशन में लगभग 150 विमानों ने हिस्सा लिया। ऑपरेशन के मुख्य चरण इस प्रकार थे:
- रडार को अंधा करना: सबसे पहले स्टैल्थ ड्रोन और F-35 विमानों ने वेनेजुएला के रडार सिस्टम को भ्रमित किया। इसके बाद ग्राउलर (Growler) जहाजों ने रडार किलर मिसाइलों का उपयोग कर महज 9 सेकंड में 12 रडार नष्ट कर दिए, जिससे वेनेजुएला का आसमान “अंधा” हो गया।
- भारी बमबारी: B-52 और B-1B Lancer जैसे भारी बमवर्षक विमानों ने वेनेजुएला के सैन्य ठिकानों पर कारपेट बॉम्बिंग की ताकि कोई जवाबी हमला न हो सके।
- कमांडो एंट्री: अमेरिका की विशिष्ट डेल्टा फोर्स (Delta Force) ने नाइट स्टॉकर और चिनूक हेलीकॉप्टरों के जरिए राष्ट्रपति भवन पर धावा बोला। उन्होंने थर्मल लेंस और वॉल पेनिट्रेटिंग रडार का उपयोग कर मादुरो की सटीक लोकेशन का पता लगाया और उन्हें पकड़ लिया।
साइबर हमला: पूरे देश में ब्लैकआउट
हमले से पहले अमेरिका ने वेनेजुएला पर एक बड़ा साइबर अटैक किया। पावर ग्रिड के कंप्यूटर सिस्टम (जो अक्सर अमेरिकी सॉफ्टवेयर पर आधारित होते हैं) को मालवेयर के जरिए ठप कर दिया गया, जिससे पूरे देश में ब्लैकआउट हो गया और संचार व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई।
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भारत के लिए सबक: आत्मनिर्भरता की आवश्यकता
खान सर इस घटना के माध्यम से भारत को चेतावनी देते हैं कि तकनीकी निर्भरता कितनी खतरनाक हो सकती है।
- सॉफ्टवेयर और सोशल मीडिया: यदि हम पूरी तरह से गूगल, माइक्रोसॉफ्ट या अमेरिकी हार्डवेयर (जैसे बोइंग विमान) पर निर्भर रहते हैं, तो युद्ध की स्थिति में वे हमारे सिस्टम को कभी भी बंद कर सकते हैं।
- परमाणु शक्ति: भारत के पास इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और एपीजे अब्दुल कलाम के प्रयासों के कारण परमाणु शक्ति है, जो हमें अमेरिका जैसे देशों के सीधे हस्तक्षेप से सुरक्षा प्रदान करती है।
निष्कर्ष
वेनेजुएला की घटना यह दर्शाती है कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और साइबर प्रभुत्व से जीते जाते हैं। भारत को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चीन की तरह स्वयं के सॉफ्टवेयर, सोशल मीडिया और उन्नत रक्षा प्रणालियों (जैसे S-400) के मामले में आत्मनिर्भर बनने की सख्त जरूरत है।