SBI Account New Update 2026: यदि आप भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) के ग्राहक हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। साल 2026 की शुरुआत के साथ ही देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक SBI ने अपने खाताधारकों के लिए कुछ अहम बदलाव लागू किए हैं। इन बदलावों का सीधा असर आपकी बैंकिंग सेवाओं, मिनिमम बैलेंस और डिजिटल ट्रांजैक्शन पर पड़ने वाला है।
SBI Account New Update 2026
आइए जानते हैं कि 2026 के नए अपडेट्स में ग्राहकों के लिए क्या नया है।
1. डिजिटल सुरक्षा पर विशेष जोर (Digital Security Update)
बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए SBI ने अपनी सुरक्षा प्रणाली को और भी सख्त कर दिया है। अब YONO SBI ऐप और नेट बैंकिंग के लिए ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ के साथ-साथ बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है। अब बड़े ट्रांजैक्शन के लिए केवल OTP काफी नहीं होगा, बल्कि फेस रिकग्निशन या फिंगरप्रिंट की भी आवश्यकता पड़ सकती है।
2. मिनिमम बैलेंस और सर्विस चार्ज (Minimum Balance & Charges)
2026 के नए अपडेट के मुताबिक, मेट्रो और शहरी क्षेत्रों के खातों के लिए औसत मासिक शेष (AMB) के नियमों में मामूली बदलाव किया गया है। बैंक ने उन ग्राहकों के लिए कुछ राहत दी है जो नियमित रूप से डिजिटल लेनदेन करते हैं। हालांकि, चेकबुक और लॉकर चार्ज में आंशिक वृद्धि की गई है।
3. केवाईसी (KYC) अपडेट का नया नियम
आरबीआई के निर्देशों के अनुसार, SBI ने अब ऑनलाइन केवाईसी अपडेट की प्रक्रिया को और आसान बना दिया है। ग्राहकों को अब बार-बार बैंक शाखा जाने की जरूरत नहीं होगी। यदि आपके दस्तावेज़ों में कोई बदलाव नहीं है, तो आप वीडियो कॉल या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपना केवाईसी रिन्यू कर सकेंगे।
4. रिवॉर्ड पॉइंट्स और क्रेडिट कार्ड पॉलिसी
SBI ने अपने रिवॉर्ड पॉइंट्स सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। अब ऑनलाइन शॉपिंग और यूटिलिटी बिल भुगतान पर अधिक रिवॉर्ड पॉइंट्स मिलेंगे, लेकिन रेंट पेमेंट और वॉलेट रीलोड पर मिलने वाले पॉइंट्स को कम या बंद कर दिया गया है। क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए एनुअल फीस (Annual Fee) के वेवर (छूट) की सीमा भी बदल दी गई है।
5. वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं
2026 के अपडेट में सीनियर सिटीजन के लिए ‘डोरस्टेप बैंकिंग’ (Doorstep Banking) को और भी सुलभ बनाया गया है। अब 70 वर्ष से अधिक आयु के ग्राहक घर बैठे कैश जमा करने, चेक पिकअप और लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने जैसी सेवाओं का लाभ न्यूनतम शुल्क पर उठा सकेंगे।
WhatsApp Upcoming features 2026
ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
- मोबाइल नंबर अपडेट रखें: सुनिश्चित करें कि आपका सही मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी बैंक खाते से लिंक है।
- YONO ऐप अपडेट करें: नई सुरक्षा सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए अपने ऐप को लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट रखें।
- अनजान लिंक से बचें: बैंक कभी भी कॉल या एसएमएस पर आपकी निजी जानकारी या ओटीपी नहीं मांगता है।
SBI Account New Update 2026: मिनिमम बैलेंस से लेकर KYC तक, ये हैं 10 बड़े बदलाव
देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने साल 2026 में अपने नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अगर आपका भी SBI में खाता है, तो ये 10 बदलाव आपके बैंकिंग अनुभव और जेब पर सीधा असर डाल सकते हैं।
1. IMPS ट्रांजैक्शन चार्ज में बदलाव
15 फरवरी 2026 से SBI ने डिजिटल चैनल्स (YONO, इंटरनेट बैंकिंग) के जरिए होने वाले IMPS ट्रांजैक्शन पर नए शुल्क लागू किए हैं:
- ₹25,000 तक: मुफ्त।
- ₹25,001 से ₹1 लाख: ₹2 + GST।
- ₹1 लाख से ₹2 लाख: ₹6 + GST।
- ₹2 लाख से ₹5 लाख: ₹10 + GST।
2. मिनिमम बैलेंस (MAB) का नियम
राहत की बात यह है कि SBI ने अधिकांश बचत खातों के लिए ‘जीरो मिनिमम बैलेंस’ की सुविधा जारी रखी है। यानी साधारण बचत खाते में बैलेंस जीरो होने पर भी कोई पेनल्टी नहीं लगेगी।
3. KYC अपडेट की अंतिम तिथि
RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन खातों की KYC लंबित है, उन्हें अपडेट करने की सलाह दी गई है। हालांकि अलग-अलग राज्यों और रिस्क कैटेगरी के हिसाब से डेडलाइन अलग हो सकती है, लेकिन बैंक ने जून 2026 तक कई पेंडिंग KYC को पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
4. डोरमेंट अकाउंट (निष्क्रिय खाते) पर सख्ती
फरवरी 2026 से बैंक उन खातों की पहचान कर रहा है जो 2 साल से अधिक समय से निष्क्रिय (Dormant) हैं। यदि आपके खाते में 2 साल तक कोई लेनदेन नहीं हुआ, तो उसे फ्रीज किया जा सकता है। इसे चालू रखने के लिए एक छोटा लेनदेन या री-KYC जरूरी है।
5. सैलरी अकाउंट में बदलाव
सैलरी अकाउंट होल्डर्स को अब भी कई फायदे मिल रहे हैं, लेकिन अन्य बैंकों के ATM पर फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा में बदलाव किया गया है। अब कुछ विशेष सैलरी पैकेज में भी महीने में 10 फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा तय की जा सकती है।
6. ATM ट्रांजैक्शन शुल्क
SBI के अपने ATM पर फ्री लिमिट के बाद लगने वाले शुल्क और अन्य बैंकों के ATM से कैश निकालने पर लगने वाले चार्ज (₹23 + GST तक) में मामूली संशोधन किया गया है।
7. चेक क्लियरिंग अब ‘रियल टाइम’ में
चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) में बदलाव के कारण अब चेक क्लियरिंग की प्रक्रिया 10 AM से 4 PM के बीच निरंतर (Continuous) चलेगी। इससे चेक क्लियर होने में लगने वाला 1-2 दिन का समय अब घटकर कुछ ही घंटों का रह जाएगा।
8. डिजिटल सुरक्षा: टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन
डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए, SBI अब ₹10,000 से ऊपर के लगभग सभी डिजिटल लेनदेन के लिए अनिवार्य रूप से टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (OTP आधारित) व्यवस्था को और मजबूत कर रहा है।
9. डेबिट कार्ड एनुअल मेंटेनेंस चार्ज
विभिन्न कार्ड श्रेणियों (Classic, Silver, Global, Platinum) के वार्षिक रखरखाव शुल्क (Maintenance Charges) में 2026 के लिए नए रेट कार्ड जारी किए गए हैं। अपने कार्ड के प्रकार के अनुसार बैंक की वेबसाइट पर इसे चेक करना जरूरी है।
10. वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधा
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS) और ‘वीकेयर’ (WeCare) जैसी योजनाओं में निवेश की प्रक्रिया को पूरी तरह से पेपरलेस और डिजिटल कर दिया गया है, ताकि बुजुर्गों को बैंक के चक्कर न काटने पड़ें।
महत्वपूर्ण टिप: बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के लिए अपना KYC हमेशा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, YONO ऐप या नजदीकी ब्रांच जाकर ही अपडेट करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
निष्कर्ष:
एसबीआई के ये नए अपडेट बैंकिंग अनुभव को सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक कदम हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी भ्रम से बचने के लिए एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या अपनी नजदीकी शाखा में संपर्क करके इन नियमों की विस्तृत जानकारी प्राप्त करें।
SBI खाताधारक अपडेट 2026: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: क्या 2026 में निष्क्रिय (Inactive) खातों को लेकर कोई नया नियम है? उत्तर: हाँ, आरबीआई और एसबीआई के नए नियमों के अनुसार, यदि किसी खाते में लगातार 2 साल या उससे अधिक समय तक कोई लेनदेन नहीं होता है, तो उसे ‘इनऑपरेटिव’ या निष्क्रिय माना जा सकता है। ऐसे खातों को सुरक्षा कारणों से बंद या प्रतिबंधित किया जा सकता है। इसे रोकने के लिए साल में कम से कम एक छोटा लेनदेन (जमा या निकासी) अवश्य करें।
प्रश्न 2: क्या अब बड़े ट्रांजैक्शन के लिए केवल OTP काफी नहीं होगा? उत्तर: बिल्कुल सही। डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एसबीआई ने टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के साथ बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (जैसे फेस आईडी या फिंगरप्रिंट) को अनिवार्य करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब बड़े अमाउंट के ट्रांसफर के लिए सिर्फ मोबाइल OTP के बजाय अतिरिक्त सुरक्षा स्तर की आवश्यकता होगी।
प्रश्न 3: क्या मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाला जुर्माना फिर से शुरू हो गया है? उत्तर: एसबीआई ने मेट्रो और शहरी क्षेत्रों के लिए औसत मासिक शेष (AMB) के नियमों को अपडेट किया है। हालांकि, बैंक ने डिजिटल लेनदेन करने वाले ग्राहकों को कुछ रियायतें दी हैं, लेकिन निर्धारित सीमा से बहुत कम बैलेंस होने पर बैंक आंशिक शुल्क ले सकता है। जीरो बैलेंस (BSBD) खातों पर यह लागू नहीं है।
प्रश्न 4: क्या मुझे केवाईसी (KYC) अपडेट कराने के लिए बैंक जाना पड़ेगा? उत्तर: नहीं, अब यह प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है। यदि आपके पते या पहचान में कोई बदलाव नहीं है, तो आप YONO ऐप या वीडियो केवाईसी के माध्यम से घर बैठे अपना केवाईसी अपडेट कर सकते हैं। बैंक केवल उन्हीं ग्राहकों को शाखा बुलाता है जिनके दस्तावेजों में विसंगति पाई जाती है।
प्रश्न 5: क्या 2026 में IMPS और ऑनलाइन ट्रांसफर के शुल्क बदल गए हैं? उत्तर: 15 फरवरी 2026 से प्रभावी नए नियमों के तहत, ₹25,000 से अधिक के ऑनलाइन IMPS ट्रांजैक्शन पर मामूली शुल्क लगाया जा सकता है। हालांकि, डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए UPI और NEFT लेनदेन पर ग्राहकों को पहले की तरह राहत मिलती रहेगी।
प्रश्न 6: वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘डोरस्टेप बैंकिंग’ क्या है? उत्तर: यह 70 वर्ष से अधिक आयु के ग्राहकों के लिए एक विशेष सुविधा है। इसके तहत बैंक कर्मचारी आपके घर आकर नकदी जमा करने, चेक लेने या जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) प्राप्त करने जैसी सेवाएं देते हैं। 2026 में इन सेवाओं का दायरा और बढ़ा दिया गया है।
जरूरी सलाह: अपनी बैंकिंग डिटेल्स जैसे पिन या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। आधिकारिक जानकारी के लिए हमेशा SBI की आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।

मेरा नाम राजेन्द्र राठौर है। SCIENCE COLLEGE GWALIOR से पोस्ट ग्रेजुएट वर्ष 2022 में किया है। मैं पिछले 5 वर्षों से कंटेंट राइटिंग क्षेत्र जैसे – सरकारी योजनाओं, टेक्नोलॉजी, Finance, Automobile, Loan से सम्बंधित नवीनतम समाचार प्रकाशित कर रहा हूं। Rathornews.com पर सभी समाचार और ताजा खबरें आधिकारिक स्त्रोत से सत्यापन के बाद ही प्रकाशित की जाती है।