MP Bike RC Lost: अगर आपकी बाइक की आरसी (Registration Certificate) खो गई है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। मध्य प्रदेश में अब यह प्रक्रिया काफी हद तक डिजिटल हो गई है।
यहाँ 2026 की ताजा स्थिति के अनुसार अपनी डुप्लीकेट आरसी प्राप्त करने का पूरा तरीका बताया गया है:
बाइक आरसी खो जाने पर क्या करें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड) MP Bike RC Lost
मध्य प्रदेश परिवहन विभाग (MP RTO) अब ‘फेसलेस सेवाओं’ पर जोर दे रहा है, जिसका मतलब है कि आपको बार-बार आरटीओ ऑफिस के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है।
1. सबसे पहले FIR दर्ज करें (Online FIR)
आरसी खोने पर सबसे पहला कदम पुलिस को सूचना देना है। मध्य प्रदेश पुलिस के ‘Citizen Portal’ या ‘MP Police IT’ ऐप के जरिए आप ‘Lost Property’ की ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कर सकते हैं। इसकी पावती (Receipt) डुप्लीकेट आरसी के लिए अनिवार्य है।
2. ‘परिवहन सेवा’ पोर्टल पर आवेदन करें
अब आपको भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा:
- वेबसाइट: parivahan.gov.in पर जाएं।
- Online Services में जाकर Vehicle Related Services चुनें।
- अपना राज्य ‘Madhya Pradesh’ चुनें।
- अपनी गाड़ी का नंबर दर्ज करें और ‘Duplicate RC’ के विकल्प पर क्लिक करें।
3. MP Bike RC Lost डुप्लीकेट आरसी के लिए जरूरी दस्तावेज (Documents Required)
आवेदन के समय आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की स्कैन कॉपी की जरूरत होगी:
- FIR की कॉपी: जो आपने ऑनलाइन दर्ज की है।
- Form 26: यह डुप्लीकेट आरसी के लिए आवेदन फॉर्म है (पोर्टल से डाउनलोड हो जाएगा)।
- पहचान पत्र: आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी।
- इंश्योरेंस: आपकी बाइक का बीमा चालू होना चाहिए।
- पीयूसी (PUC): प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र।
- चेसिस नंबर का प्रिंट: एक कागज पर पेंसिल से चेसिस नंबर को ट्रेस करके उसकी फोटो।
4. फीस का भुगतान
मध्य प्रदेश में टू-व्हीलर की डुप्लीकेट आरसी के लिए सरकारी फीस लगभग ₹300 से ₹500 के बीच होती है (इसमें स्मार्ट कार्ड फीस भी शामिल है)। आप इसे नेट बैंकिंग या यूपीआई के जरिए ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
2026 की ताजा खबर: अब ‘mParivahan’ ऐप भी है मान्य
ताजा नियमों के अनुसार, अगर आपकी आरसी खो गई है और आपके पास mParivahan या DigiLocker में आरसी का डिजिटल स्वरूप है, तो पुलिस आपका चालान नहीं काट सकती। हालांकि, फिजिकल कार्ड बेचना या ट्रांसफर करना जरूरी होता है, इसलिए डुप्लीकेट कार्ड निकलवाना ही बेहतर है।
आवेदन के बाद क्या होगा?
- आवेदन और फीस जमा करने के बाद, आपको स्लॉट बुक करके एक बार आरटीओ ऑफिस जाना पड़ सकता है (दस्तावेज सत्यापन के लिए)।
- वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद, आपकी नई आरसी 15 से 30 दिनों के भीतर आपके रजिस्टर्ड पते पर डाक (Speed Post) द्वारा भेज दी जाएगी।
फॉर्म 26 (Form 26) असल में एक “स्वघोषणा और आवेदन” है, जिसमें आप आरटीओ को बताते हैं कि आपकी आरसी खो गई है और आप दूसरी कॉपी चाहते हैं। 2026 में अब यह फॉर्म ऑनलाइन पोर्टल पर ऑटो-फिल (अपने आप भरा हुआ) भी मिल जाता है, लेकिन इसकी बारीकियों को समझना जरूरी है।
यहाँ फॉर्म 26 भरने का पूरा प्रोसेस दिया गया है:
फॉर्म 26 भरने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
1. फॉर्म कहाँ से प्राप्त करें?
- आप इसे Parivahan Sewa की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।
- ऑनलाइन आवेदन करते समय, पोर्टल आपके डेटा के आधार पर इसे ‘Pre-filled’ (पहले से भरा हुआ) जनरेट कर देता है, जिसे आपको बस प्रिंट करना होता है।
2. फॉर्म के मुख्य भाग और जानकारी
फॉर्म में आपको निम्नलिखित जानकारियां भरनी होती हैं:
- To, The Registering Authority: यहाँ अपने जिले के आरटीओ का नाम लिखें (जैसे- RTO Indore, RTO Bhopal)।
- Vehicle Description: अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर (जैसे MP 04 XX 1234), चेसिस नंबर और इंजन नंबर भरें।
- Reason for Duplicate RC: यहाँ स्पष्ट लिखें कि आपकी आरसी खो गई है (Lost) या खराब हो गई है (Mutilated)।
- Police FIR Details: यहाँ ऑनलाइन दर्ज की गई एफआईआर का नंबर और तारीख लिखें।
3. चेसिस नंबर का ‘पेंसिल प्रिंट’ (सबसे महत्वपूर्ण)
फॉर्म 26 के नीचे या खाली जगह पर आपको अपनी बाइक के चेसिस नंबर का पेंसिल प्रिंट लेना होता है।
- कैसे लें: अपनी बाइक के हैंडल के पास या इंजन के पास जहाँ चेसिस नंबर खुदा हुआ है, वहां कागज रखें और ऊपर से पेंसिल रगड़ें। वह नंबर कागज पर उभर आएगा। बिना इसके आरटीओ आवेदन स्वीकार नहीं करता।
4. फाइनेंस/लोन की स्थिति (Hypothecation)
- अगर आपकी बाइक लोन पर है, तो फॉर्म 26 के निचले हिस्से में Financier (बैंक/कंपनी) के हस्ताक्षर और उनकी सील (Stamping) होना अनिवार्य है।
- बैंक की सील के बिना आरटीओ यह मान लेगा कि आपने बैंक को सूचना नहीं दी है।
5. आवेदक के हस्ताक्षर
अंत में, गाड़ी के मालिक (जिसके नाम पर आरसी थी) को अपने हस्ताक्षर करने होंगे। ध्यान रहे, हस्ताक्षर वही होने चाहिए जो पुराने आरसी रिकॉर्ड में थे।
फॉर्म के साथ अटैच करने वाले अन्य दस्तावेज:
फॉर्म 26 के साथ ये चीजें स्टेपल (Staple) करें:
- ऑनलाइन एफआईआर की कॉपी।
- वैध बीमा (Insurance) की कॉपी।
- पीयूसी (Pollution Certificate) की कॉपी।
- एड्रेस प्रूफ (आधार कार्ड)।
अगला कदम:
एक बार फॉर्म 26 तैयार हो जाने के बाद, इसे स्कैन करके ‘परिवहन सेवा’ पोर्टल पर अपलोड करें और ओरिजिनल कॉपी को आरटीओ ऑफिस में जमा करने के लिए सुरक्षित रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) – मध्य प्रदेश बाइक आरसी
प्रश्न 1: आरसी खो जाने पर डुप्लीकेट आरसी मिलने में कितना समय लगता है?
उत्तर: ऑनलाइन आवेदन और आरटीओ में दस्तावेज सत्यापन (Verification) के बाद, आमतौर पर 15 से 30 दिनों के भीतर नई आरसी आपके रजिस्टर्ड पते पर स्पीड पोस्ट से पहुंच जाती है।
प्रश्न 2: क्या डुप्लीकेट आरसी के लिए आरटीओ ऑफिस जाना जरूरी है?
उत्तर: हाँ, मध्य प्रदेश में ऑनलाइन फॉर्म भरने और फीस जमा करने के बाद, आपको दस्तावेजों की मूल प्रतियों (Original Documents) और चेसिस नंबर के प्रिंट के सत्यापन के लिए एक बार आरटीओ ऑफिस जाना पड़ता है।
प्रश्न 3: क्या मैं अपनी बाइक की आरसी ऑनलाइन डाउनलोड कर सकता हूँ?
उत्तर: आप ‘DigiLocker’ या ‘mParivahan’ ऐप के जरिए अपनी आरसी का डिजिटल वर्जन डाउनलोड कर सकते हैं। यह डिजिटल कॉपी पूरे भारत में चेकिंग के दौरान मान्य है, लेकिन इसे फिजिकल आरसी का स्थायी विकल्प नहीं माना जाता।
प्रश्न 4: अगर मेरी गाड़ी पर लोन चल रहा है, तो क्या प्रक्रिया अलग होगी?
उत्तर: प्रक्रिया वही रहेगी, लेकिन आपको अपने बैंक या फाइनेंस कंपनी से फॉर्म 26 पर साइन और सील करवानी होगी। बैंक की अनुमति (NOC) के बिना आरटीओ डुप्लीकेट आरसी जारी नहीं करेगा।
प्रश्न 5: डुप्लीकेट आरसी के लिए कितनी सरकारी फीस लगती है?
उत्तर: मध्य प्रदेश में दोपहिया वाहनों (Two-wheelers) के लिए यह फीस लगभग ₹300 से ₹500 के बीच होती है। इसमें स्मार्ट कार्ड का शुल्क भी शामिल होता है। अलग-अलग जिलों में पोर्टल चार्ज के कारण थोड़ा अंतर हो सकता है।
प्रश्न 6: क्या आरसी खोने पर ऑफलाइन एफआईआर मान्य है?
उत्तर: हाँ, आप नजदीकी थाने में जाकर लिखित एफआईआर भी करवा सकते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल से ‘Lost Property’ रिपोर्ट दर्ज करना ज्यादा आसान और तेज प्रक्रिया है।