Silver Price Crash: 4.22 लाख से सीधे 2.91 लाख! आखिर 48 घंटों में चांदी के साथ ऐसा क्या हुआ?

Silver Price Crash: चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट! 2 दिन में ₹4.22 लाख से गिरकर ₹2.91 लाख पर पहुंचे दाम। क्या यह मुनाफावसूली है या बड़ी मंदी के संकेत? जानिए चांदी के भाव गिरने की 5 असली वजहें।

Silver Price Crash: चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, क्या यह खरीदारी का ‘गोल्डन चांस’ है या अभी और गिरेगा बाजार?

Commodity Market Live Updates: कमोडिटी बाजार में पिछले 48 घंटों से चांदी की चाल ने निवेशकों को हैरान कर दिया है। जहाँ एक तरफ चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई को छू रही थी, वहीं पिछले दो दिनों में इसमें ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतें 4.22 लाख रुपये के उच्चतम स्तर से गिरकर 2.91 लाख रुपये के स्तर तक आ पहुंची हैं। महज दो दिनों के भीतर चांदी करीब 1.25 लाख रुपये से ज्यादा टूट चुकी है।

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​Silver Price Crash in India, Silver गिरावट के मुख्य कारण

​चांदी का भाव आज का: बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में इस भारी गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं:

  1. बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली: पिछले एक साल में चांदी की कीमतों में लगभग चार गुना की वृद्धि देखी गई थी। इतनी बड़ी तेजी के बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली (Profit Booking) शुरू कर दी, जिससे बाजार में भारी बिकवाली का दबाव बना।
  2. अंतरराष्ट्रीय संकेतों का असर: वैश्विक स्तर पर भी चांदी की कीमतों में 10 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ा।
  3. ETF में बिकवाली: मिराई एसेट, एचडीएफसी और निप्पॉन इंडिया जैसे बड़े सिल्वर ईटीएफ (ETF) में भी गिरावट देखी गई है।

​’स्टेरॉयड वाला सोना’ बनी चांदी

​Silver Price Drop India: सिटी बैंक (Citi) के विश्लेषकों ने चांदी की तुलना ‘स्टेरॉयड वाले सोने’ से की है। उनका मानना है कि जब सोने की कीमतों में तेजी आती है, तो चांदी उससे दोगुनी रफ्तार से भागती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा गिरावट केवल एक ‘करेक्शन’ (सुधार) है और यह उन लोगों के लिए खरीदारी का एक बेहतरीन मौका हो सकता है जो पिछली रैली के दौरान निवेश करने से चूक गए थे।

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​चांदी की मांग और आपूर्ति का समीकरण

​लेख के अनुसार, चांदी का एक बड़ा हिस्सा अन्य धातुओं (जैसे कॉपर और जिंक) के साथ सह-उत्पाद (By-product) के रूप में प्राप्त होता है। इस कारण इसकी सप्लाई अचानक नहीं बढ़ाई जा सकती, जबकि इलेक्ट्रिक वाहन (EVs), सोलर पैनल और अन्य तकनीकी उपकरणों में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।

  • ईवी और ऑटोमोबाइल: इलेक्ट्रिक वाहनों के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में चांदी का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है।
  • भारत का भंडार: अनुमान के मुताबिक, भारतीय परिवारों के पास लगभग 2.5 लाख मीट्रिक टन चांदी गहनों और बर्तनों के रूप में है, जो दुनिया के किसी भी देश के प्राकृतिक भंडार से भी अधिक है।

​आगे क्या है उम्मीद? Silver Price Crash News

​भले ही चांदी की कीमतों में 17 प्रतिशत तक की एकदिनी गिरावट देखी गई हो, लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि ‘गोल्ड-सिल्वर रेशियो’ अभी भी चांदी के पक्ष में है। चांदी अब भी सोने के मुकाबले सस्ती मानी जा रही है, जिससे भविष्य में इसमें एक बार फिर बड़ी उछाल आने की प्रबल संभावना है।

डिस्क्लेमर: शेयर बाजार या कमोडिटी मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

चांदी की कीमतों में गिरावट: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: पिछले दो दिनों में चांदी की कीमतों में कितनी गिरावट आई है?

उत्तर: चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट देखी गई है। यह अपने उच्चतम स्तर ₹4.22 लाख से गिरकर लगभग ₹2.91 लाख प्रति किलोग्राम पर आ गई है। यानी दो दिनों में इसमें ₹1.25 लाख से अधिक की कमी आई है।

प्रश्न 2: चांदी के भाव अचानक गिरने का मुख्य कारण क्या है?

उत्तर: इसके तीन मुख्य कारण हैं:

​बड़े सिल्वर ईटीएफ (Silver ETFs) में बिकवाली का दबाव।
ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा की गई भारी मुनाफावसूली (Profit Booking)।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चांदी की कीमतों का टूटना।

प्रश्न 3: क्या यह चांदी खरीदने का सही समय है?

उत्तर: सिटी बैंक जैसे बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट एक ‘मामूली सुधार’ (Correction) है। जो निवेशक पिछली तेजी में खरीदारी करने से चूक गए थे, उनके लिए यह एक अच्छा अवसर हो सकता है, क्योंकि लंबी अवधि में मांग अभी भी मजबूत है।

प्रश्न 4: विशेषज्ञों ने चांदी को ‘स्टेरॉयड वाला सोना’ क्यों कहा है? उत्तर: इसका मतलब है कि चांदी की चाल सोने के मुकाबले बहुत तेज होती है। जब सोने में थोड़ी बढ़त होती है, तो चांदी बहुत तेजी से ऊपर भागती है, और गिरावट के समय भी यह सोने के मुकाबले ज्यादा तेजी से नीचे आती है।

प्रश्न 5: औद्योगिक क्षेत्र में चांदी की मांग क्यों बढ़ रही है? उत्तर: चांदी का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), सोलर पैनल, बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम और हाई-कंडक्टिविटी स्विच में अनिवार्य रूप से होता है। हरित ऊर्जा (Green Energy) की ओर बढ़ते कदम चांदी की मांग को बढ़ा रहे हैं।

प्रश्न 6: क्या चांदी की कीमतें फिर से बढ़ेंगी? उत्तर: विशेषज्ञों के अनुसार, ‘गोल्ड-सिल्वर रेशियो’ को देखते हुए चांदी अभी भी सोने के मुकाबले सस्ती है। सप्लाई सीमित होने और औद्योगिक मांग बढ़ने के कारण भविष्य में कीमतों में रिकवरी की पूरी संभावना है।

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